? अच्छे दिन ? एसबीआई ने 3.5 साल में किया अपने ग्राहकों को ऐसे कंगाल, खातों से 4448 करोड़ रुपये साफ

खास बातें

  • खातों से करीब 4448 करोड़ रुपये साफ कर दिए।
  • पर्याप्त राशि न रखने की एवज में कुल 6246 करोड़ रुपये की कमाई की है।
  • एटीएम पर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन से वसूली में भी एसबीआई सबसे शीर्ष पर रहा।
  • साढ़े तीन सालों में सरकारी बैंकों ने 10,000 करोड़ रूपये से ऊपर की राशि वसूली है

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने अपने ग्राहकों के खातों से करीब 4448 करोड़ रुपये साफ कर दिए। हालांकि एसबीआई अकेला ऐसा बैंक नहीं है जिसने यह कारनामा किया है। देश के चार अन्य बड़े सरकारी बैंकों ने ग्राहकों को बड़ा चूना लगाया है। हालांकि बैंकों के अपने तर्क हैं, लेकिन यह एक साफ तरह से लूट है, जिससे फिलहाल ग्राहकों को राहत नहीं मिलने की उम्मीद है।

इस मद में साफ की जनता की गाढ़ी कमाई

देश के पांच बड़े सरकारी बैंकों ने ग्राहकों द्वारा खाते में पर्याप्त राशि न रखने की एवज में कुल 6246 करोड़ रुपये की कमाई की है। वहीं एटीएम में लोगों द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त ट्रांजेक्शन के नाम पर लोगों से 4145 करोड़ रुपये की वसूली की है।

मिनिमम बैलेंस की वसूली में सबसे आगे एसबीआई

इस वसूली में सबसे आगे एसबीआई है। एसबीआई ने ग्राहकों द्वारा खाते में पर्याप्त राशि न रखने की एवज में पिछले 3.5 साल में करीब 2894 करोड़ रुपये वसूले हैं। दूसरे नंबर पर पंजाब नेशनल बैंक रहा, जिसने 493 करोड़ रुपये वसूले। तीसरे, चौथे और पांचवे नंबर पर क्रमशः कैनरा बैंक (352 करोड़ रुपये), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (348 करोड़ रुपये) और बैंक ऑफ बड़ौदा (328 करोड़ रुपये) शामिल रहे।

एटीएम से वसूली में भी एसबीआई शीर्ष

एटीएम पर ग्राहकों द्वारा किए जाने वाले अतिरिक्त ट्रांजेक्शन से वसूली में भी एसबीआई सबसे शीर्ष पर रहा। बैंक ने इस तरह से करीब 1554 करोड़ रुपये कमाए। दूसरे नंबर पर बैंक ऑफ इंडिया रहा जिसने 464 करोड़ रुपये वसूले। लिस्ट में पीएनबी (323 करोड़ रुपये), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (241 करोड़ रुपये) और बैंक ऑफ बड़ौदा (183 करोड़ रुपये) के साथ क्रमशः तीसरे, चौथे व पांचवे स्थान पर रहा।

हालांकि एसबीआई ने 1 अप्रैल, 2017 से चार्ज वसूलना फिर शुरू कर दिया है। वहीं न्यूनतम राशि बनाए रखने की जरूरत को 1 अक्तूबर 2017 से कम कर दिया गया है। जन-धन खातों और बेसिक बचत खातों में न्यूनतम राशि बनाए रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।

साढ़े तीन सालों में सरकारी बैंकों ने 10,000 करोड़ रूपये से ऊपर की राशि वसूली है इसके अलावा निजी बैंकों ने भी काफी बड़ी राशि ग्राहकों से वसूल की है।

निजी बैंकों शामिल नहीं

संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में निजी बैंकों के डाटा को शामिल नहीं किया गया था। रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देश के अनुसार 6 मेट्रो शहर- मुंबई, नई दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में एक महीने में अन्य बैंकों के एटीएम से 3 ट्रांजेक्शन और अपने बैंक के एटीएम से कम से कम 5 ट्रांजैक्शन फ्री रखे हैं।

Leave a Reply